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Dosti shayri

ए दोस्त तेरी दोस्ती पर नाज़ करते हैं,हर वक्त मिलने की फ़रियाद करते हैं,हमें नहीं पता घर वाले बताते हैं,हम नींद में भी आपसे बात करते हैं।

दोस्ती भी क्या गज़ब की चीज़ होती है,मगर ये भी बहोत कम लोगों को नसीब होती है,जो पकड़ लेते है ज़िन्दगी में दामन इसका,समझ लो के जन्नत उनके बिलकुल करीब होती है

तुम बनके दोस्त ऐसे आए ज़िंदगी मे,के हम ये ज़माना ही भूल गये,तुम्हे याद आए ना आए हमारी कभी,पर हम तो तुम्हे भूलना ही भूल गये!
महफ़िल मैं कुछ तो सुनाना पड़ता हैं,गम छुपाकर मुस्कुराना पड़ता हैं,कभी उनके हम थे दोस्त,आजकल उन्हें याद दिलाना पड़ता हैं
यादों के सहारे दुनिया नही चलती,बिना किसी शायर के महफ़िल नही बनती,एक बार पुकारो तो आए दोस्तों,क्यों की दोस्तों के बिना ये धड़कने नही चलती

दिल की बात छुपाना आता नही,किसी का दिल दुखाना आता नही,आप सोचते है हम भूल गए आपको,पर कुछ अच्छे दोस्तो को भूलना हमको आता नही
नाजुक सा दिल कभी भुल से ना टूटे,छोटी छोटी बातो से आप ना रूठे,थोडी सी भी फिकर है अगर आपको हमारी,तो कोशिश करना की ये दोस्ती कभी ना टूटे।



मेहफिल मैं कुछ तो सुनाना पडता है,ग़म छुपाकर मुस्कुराना पडता है,कभी उनके हम भी थे दोस्त,आज कल उन्हे याद दिलाना पडता है।

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